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भाजपा जिला संगठन के सामने विधायक चिट - Ahirwal Today

दोगड़ा अहीर में 10 दिसंबर को होने वाली रैली का अब नाम बदला।विकसित भारत जन विश्वास रैली का होगा नया नाम।

धर्मनारायण शर्मा। नारनौल

पिछले एक महीने से जिला महेंद्रगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच एक सवाल लगातार उठता आ रहा था, पार्टी बड़ी या विधायक। उस सवाल का जवाब अब मिल गया है। 10 दिसंबर को दोगड़ा अहिर गांव में होने वाली जिला स्तरीय रैली का आयोजन अब अकेले नांगल चौधरी के विधायक डॉ अभय सिंह द्वारा नहीं किया जाएगा, अपितु इसे भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई द्वारा आयोजित किया जाएगा। इतना ही नहीं, अब इस रैली का नाम भी बदल दिया गया है। अब इसे विकसित भारत- जन विश्वास रैली के नाम से आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि नांगल चौधरी के विधायक डॉ अभय सिंह यादव द्वारा आयोजित की जाने वाली इस रैली को लेकर जिला बीजेपी संगठन में मतभेद चल रहे थे। विधायक ने अकेले प्रेस वार्ता करके इसे भाजपा द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली करार दिया था लेकिन वह अब तक जिला इकाई को ना तो अपने साथ लेकर चल रहे थे ना ही उन्हें विश्वास में लिया था। यही कारण है कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व मौजूदा राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने तो इस रैली को पार्टी का आयोजन होने से ही नकार दिया था। उधर, उनकी नाराजगी से बेपरवाह इसके आयोजक नांगल चौधरी के विधायक डॉ अभय सिंह यादव अकेले ही जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में इसके आयोजन के लिए निमंत्रण देने के अभियान में जुटे हुए थे।

रैली आयोजन में मनमानी और संगठन की उपेक्षा से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष पनपने की शिकायत जब हाईकमान तक पहुंची तो उनके निर्देश पर गुरुवार देर शाम जिला भाजपा कोर ग्रुप की बैठक हुई। यह काफी हंगामादार रही। बताया जाता है कि इस बैठक में पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने संगठन को दरकिनार करके व्यक्ति विशेष द्वारा आयोजित की जारी इस रैली पर नाराजगी भी जताई।इस बैठक में पार्टी के जिला अध्यक्ष को उनकी कार्यशैली और नांगल चौधरी के विधायक डॉक्टर अभय सिंह यादव की संगठन को महत्व न देकर व्यक्तिगत छवि को मजबूत बनाने के लिए कड़ी आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक की भूमिका भी मुख्यमंत्री के दखल के बाद हरियाणा के संगठन महासचिव फणीश्वर शर्मा के कहने पर आयोजित की गई। जानकारी के मुताबिक 6 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने जब दक्षिण हरियाणा के चार जिलों के प्रमुख पदाधिकारी की बैठक बुलाई थी तो उसमें मुख्यमंत्री से जिला संगठन में चल रही मनमानी की शिकायत की गई। तब मुख्यमंत्री ने इसे जिला प्रधान से मिलकर मामले को बताने को कहा। इस पर प्रादेशिक नेता ने इसे जिला अध्यक्ष से जुड़ा हुआ मामला बताया तो इस सीएम द्वारा इसे हरियाणा संगठन महामंत्री तक ले जाने के निर्देश मिले। संगठन महामंत्री को मामले की सारी जानकारी मिलने के बाद वहां से जिला कोर ग्रुप की बैठक बुलाने के निर्देश दिए। इसमें हाई कमान की ओर से प्रदेश महामंत्री व राई के विधायक मोहनलाल बडोली, जिला प्रभारी अजय बंसल को भेजे जाने के निर्देश दिए गए। तब जाकर गुरुवार देर शाम को जिला स्तरीय कोर कमेटी की बैठक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित की गई।

जानकारी के मुताबिक करीब ढाई घंटे चली बैठक में काफी गर्मा गर्मी रही। बताया जाता है कि वहां अनेक जिला स्तरीय पदाधिकारी ने रैली के आयोजन को लेकर अब तक कोई जानकारी न होने का मामला उठाया। जिला अध्यक्ष ने जब इस मामले में लीपापोती का रवैया अपनाया तो उन पर भी कार्यकर्ता आक्रोशित हुए। मामला इस कदर गर्माया की नांगल चौधरी के विधायक डॉक्टर अभय सिंह यादव द्वारा इस मामले में अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। उसके बाद रैली को जिला  इकाई के तत्वाधान में आयोजित किए जाने का प्रदेश महामंत्री ने निर्णय सुनाया। उनके सुझाव पर ही इस रैली का नाम भी बदल गया और इसे विकसित संकल्प जन विश्वास रैली का नया नाम दिया गया। वहां मौजूद जिले के विभिन्न पदाधिकारी द्वारा इस बारे में अपना सहयोग देने का फैसला लिया गया। यह निर्णय भी लिया गया कि इस रैली के संबंध में अब पार्टी के पदाधिकारी जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और केंद्रीय स्तर पर इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से संपर्क साधकर उन्हें रैली में पहुंचने का निमंत्रण भी दिया जाएगा।

सूत्र बताते हैं कि जिला इकाई के कुछ पदाधिकारियों ने बैठक में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने प्रदेश इकाई के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में आखिरकार सवाल उठा दिए कि जब रैली के आयोजन के लिए मात्र दो दिन का समय शेष रह गया, तब आज जिला संगठन क्यों याद आया ? उनका कहना था कि कार्यकर्ता अब तक इस असमंजस में थे कि वह रैली में जाएं या ना जाएं, क्योंकि अभी तक पार्टी की ओर से उन्हें इसके लिए कोई निमंत्रण तक नहीं मिला। वहां यह बात भी उजागर हुई कि इस रैली के आयोजन के लिए स्थान का सुझाव अटेली के विधायक सीताराम यादव ने दिया था और वह खुद भी अब तक इस अभियान से नहीं जुड़े थे। इस पर भी पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि नांगल चौधरी से दो बार से विधायक को अगर पार्टी की रीति नीति का एहसास नहीं है तो जिला संगठन कैसे उनके साथ चलेगा। हालांकि नांगल चौधरी के विधायक ने अपनी ओर से सबको संतुष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन जन मामला सिरे नहीं चढ़ा तो उन्होंने संगठन के नेताओं तक अपनी बात सही तरीके से न पहुंच पाने के लिए क्षमा प्रार्थना भी की।

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