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चाचा भतीजा में होगा चुनावी मुकाबला ? - Ahirwal Today

पूर्व आईएएस विनय यादव ने की कांग्रेस ज्वाइन। राजनीति के अखाड़े में पहले से ही नांगल चौधरी से उनके चाचा डॉक्टर अभय सिंह यादव भाजपा विधायक हैं।

धर्मनारायण शर्मा। नारनौल

इस बार विधानसभा चुनाव में जिला महेंद्रगढ़ में अब नई राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिलेगी। नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र में इस समय भारतीय जनता पार्टी से पूर्व आईएएस अधिकारी डॉक्टर अभय सिंह यादव लगातार दो बार से विधायक बनते आ रहे हैं। अब उनके परिवार के बीच ही चुनावी मुकाबला होने के आसार बनते दिख रहे हैं। इसका कारण है, रिश्ते में उनके भतीजे लगने वाले, उन्हीं के गांव के पूर्व आईएएस अधिकारी विनय सिंह यादव सक्रिय राजनीति में उत्तर पड़े हैं। विनय यादव ने मंगलवार कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान, विधानसभा में विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एवं उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की।

सेवानिवृत्ति के बाद से पिछले कई महीने से सामाजिक कार्यों में रुचि ले रहे विनय सिंह यादव के कांग्रेस में शामिल होने से अब इलाके में लोग उनके चाचा और नांगल चौधरी से मौजूद विधायक डॉक्टर अभय सिंह यादव के बीच अगले विधानसभा चुनाव में आपसी मुकाबला होने के असर देख रहे हैं। यहां यह भी बता दें कि विनय सिंह यादव नारनौल के नजदीकी गांव कमी की ढाणी के रहने वाले हैं और डॉक्टर अभय सिंह यादव का भी यही गांव है। समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर वर्ष 2014 में राजनीति में प्रवेश करने वाले डॉक्टर अभय सिंह यादव ने नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और वह आईएनएलडी के उम्मीदवार चौधरी मूलाराम को पराजित करके पहली बार विधायक बने। उसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 में दोबारा मैदान मारा। विधायक रहते हुए डॉक्टर अभय सिंह यादव ने नांगल चौधरी क्षेत्र में टेल तक पानी पहुंचाने, लॉजिस्टिक हब बनवाने, कोरियावास में मेडिकल कॉलेज निर्माण समेत अनेक विकास कार्यों को करवाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारी विनय यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद इस हलके से कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़े चुनावी मुकाबले की संभावना है बन सकती हैं।

अभय सिंह यादव के लिए तीसरी बार रह नहीं होगी आसान

पिछले दो बार से लगातार विधायक बनते आ रहे डॉक्टर अभय सिंह के बारे में इन दिनों चर्चा है कि उन्होंने जहां इलाके के विकास की तरफ ध्यान दिया वहीं, अपनी पार्टी में ही नहीं, अन्य राजनीतिक दलों में भी अपने विरोधियों को बढ़ा लिया है। वर्ष 2014 के चुनाव में अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह के सहयोग से जीत हासिल करने वाले अभय सिंह के इन दोनों केंद्रीय राज्यमंत्री से संबंध अच्छे नहीं है। वह उनके बड़े विरोधियों में शुमार किए जाते हैं। पार्टी में भी अपना कद बढ़ाने की महत्वाकांक्षा के चलते अभय सिंह यादव ने जिला भाजपा संगठन के प्रमुख नेताओं को भी अपने खिलाफ कर लिया है। दोगड़ा अहिर गांव में 10 दिसंबर को हुई रैली से पहले पार्टी बनाम डॉक्टर अभय सिंह का विवाद चर्चा में रहा। ऐसे में चर्चा है कि अब उनके विरोधियों को पूर्व आईएएस अधिकारी विनय यादव के पास जाकर बैठने का मौका मिल जाएगा।

टिकट पर टिका मुकाबले का आधार

राजनीतिक हलकों में विनय सिंह को कांग्रेस का टिकट मिलने पर प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा है। हालांकि उनसे पहले पूर्व विधायक चौधरी मूलाराम और पूर्व डीसी राधेश्याम शर्मा भी कांग्रेस में शामिल होकर टिकट पाने की लाइन में लगे हुए हैं। चर्चा है कि अगर विनय सिंह यादव को कांग्रेस की टिकट मिली तो जाटों के अलावा गुर्जरों का बड़ा वोट बैंक न केवल साथ होगा, अपितु अहीर मतदाताओं में भी विभाजन की संभावना रहेगी। उनमें बड़ा वर्ग वह रहेगा, जो राजनीति की हवा देखकर उस तरफ पलटी मारने में सबसे ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाता है।

जानकारी के मुताबिक नांगल चौधरी में 42000 के आसपास यादव, 38000 से अधिक गुर्जर और 22000 से अधिक जाट मतदाता हैं। मूलाराम को दो बार सीधे मुकाबले में पराजित करने से गुर्जरों का एक बड़ा वर्ग भी भाजपा से नाराज चल रहा है। यादव मतदाता भी बीजेपी से कुछ दूरी बनाने लगे हैं। ऐसे में उन्हें सत्ता बदलाव के आसार लगे तो बीजेपी विरोधी वोटर कांग्रेस की तरफ खिसक सकता है। हालात बदले तो अगले चुनाव में नांगल चौधरी क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण बनने के आसार बन सकते हैं।

 

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